सहारनपुर : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को सहारनपुर दौरे पर पहुंचे। निजी विमान से सरसावा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद अखिलेश यादव सड़क मार्ग से सहारनपुर पहुंचे। दिल्ली रोड पर सपा नेता कार्तिकेय राणा ने उनके काफिले का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इसके बाद अखिलेश यादव स्टेट बैंक कॉलोनी स्थित सपा राष्ट्रीय महसचिव चौधरी रुद्रसेन और चौधरी इंद्रसेन के आवास पहुंचे, जहां चौधरी परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।
अखिलेश यादव के सहारनपुर दौरे को छह सितंबर को होने वाली बड़ी चुनावी जनसभा की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि अपरिहार्य कारणों के चलते प्रस्तावित जनसभा स्थगित कर दी गई। अखिलेश यादव ने रैली स्थगित होने को लेकर कहा कि मौसम और परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव के समय सहारनपुर में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि जनता का मिजाज और मौजूदा हालात पूरी तरह बदलाव के पक्ष में हैं। चौधरी इंद्रसेन के आवास पर पहुंचने के बाद अखिलेश यादव ने चौधरी परिवार के सदस्यों और पार्टी नेताओं से मुलाकात की। यहां उन्होंने दोपहर का भोजन भी किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि किसान, मजदूर, कारोबारी और युवा समेत समाज का हर वर्ग मौजूदा परिस्थितियों से प्रभावित है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे में अखिलेश यादव ने किसानों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान अपने अधिकारों को लेकर हमेशा जागरूक रहा है। गन्ना किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बड़ा दावा किया कि अगर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो किसानों को गन्ने के भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार बनने पर गन्ने का भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में कराया जाएगा। उन्होंने गन्ने से बनने वाली चीनी और इथेनॉल से होने वाले मुनाफे में किसानों की हिस्सेदारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब किसानों की उपज से चीनी और इथेनॉल का उत्पादन होता है तो उसके मुनाफे में किसानों को उचित हिस्सा क्यों नहीं मिलना चाहिए।
अखिलेश यादव ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण एक्सपोर्ट का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर स्थानीय कारीगरों और कारोबारियों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर का कारोबार और यहां के कारीगर देश-दुनिया में अपनी पहचान रखते हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उनका काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने बढ़ती महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महंगाई ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा कि किसान, मजदूर और व्यापारी सभी वर्गों के सामने अलग-अलग तरह की चुनौतियां हैं और जनता अब बदलाव चाहती है।
सपा प्रमुख ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस सेवा और पुलिस के 112 रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं कमजोर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को समय पर स्वास्थ्य और सुरक्षा सेवाएं मिलना जरूरी है। क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करेगी। उन्होंने लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान की तर्ज पर स्थानीय स्तर पर प्राइमरी और सेकेंडरी केयर सेंटर विकसित करने की बात कही। इसके साथ ही शेख-उल-हिंद मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं को भी और बेहतर एवं विस्तारित करने का आश्वासन दिया।
अखिलेश यादव ने दिल्ली रोड स्थित सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसेन के आवास पर पार्टी पदाधिकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बंद कमरे में बैठक भी की। बैठक में स्थानीय संगठन, पार्टी की गतिविधियों और आगामी चुनाव को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आई है। इस दौरान कैराना सांसद इकरा हसन भी मौजूद रहीं। हालांकि बंद कमरे में हुई बैठक में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अखिलेश यादव के पहुंचने पर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता भी मौके पर जुट गए। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए उनका स्वागत किया। भीड़ अधिक होने और जगह सीमित होने के कारण कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति भी बनी रही। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सपा प्रमुख ने अपने दौरे के दौरान सपा नेता मनोज चौधरी और पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान के आवास पर भी पहुंचकर कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मुलाकात की। दोनों स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। अखिलेश यादव का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब प्रदेश में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। छह सितंबर को प्रस्तावित बड़ी जनसभा स्थगित होने के बावजूद अखिलेश यादव ने स्पष्ट संकेत दिया कि चुनाव के दौरान सहारनपुर में समाजवादी पार्टी की बड़ी सभा आयोजित की जाएगी। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को सपा के पक्ष में बताते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है। सहारनपुर दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने जहां किसानों के गन्ना भुगतान, कारोबार, एक्सपोर्ट, महंगाई, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को घेरा, वहीं सपा सरकार बनने पर इन क्षेत्रों में बदलाव का दावा भी किया। खासतौर पर 24 से 48 घंटे में गन्ना भुगतान का वादा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच सपा की रणनीति का अहम मुद्दा माना जा रहा है।
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